Sunday, September 6, 2009

"अपने तकदीर पर "

अपने को कहां पाते हो,

अधेरे या उजाले में ।

तकदीर कहाँ जाती है,

समुन्दर के किनारे में।।


अपने को पता नही,

हम कहाँ जाते है ।

तकदीर कैसे बनती है,

ये हमे पता नही ।।


जब हमें पता चलता है,

हम दुर निकल जाते है।

अपने तकदीर पर ,

रोते रह जाते है ।।

Saturday, August 15, 2009

"जवानो को याद करे"

जवान सीमा लडते है। जवान हर मुस्किल का सामना करते हुए सीमा पर हमारी रक्षा करते है हम सिर्फ कुछ दिवस
पर ही हम अपने जवानों को याद करते है। हम भारतवासी अपने व्यस्त समय से कुछ समय निकाल कर अपने जवानों को याद करे । मै सभी भारतवासी से पुछना चाहता हूँ कि हमारे जवान पराये हैं क्या ?

Friday, July 24, 2009

जिन्दगी की राह में हम अकेले हैं

जिन्दगी की राह में हम अकेले हैं हमे अकेले जिन्दगी बितानी हैं,
अकेले हम आये हैं अकेले ही जाना हैं जिन्दगी की राह में हम अकेले हैं ा जिन्दगी एक रगं बिरगीं दुनिया हैं रगं बिरगी दुनिया में बहुतेरे लोग, बहुतेरे लोगो हम भी अकेले जिन्दगी की राह में हम अकेले हैं

Monday, July 13, 2009